वो दोनों कुछ ही दिन पहले नये घर वापस आये थे. नये घर आकर वहां के पुराने घर वालो से उन्होंने पूछा कि अब हम नये घर आ तो गये हैं अब आगे क्या? जबाब मिला कि अभी तुम नये-नये हो और तुम्हारी नई-नई शुद्धि हुई है, इसलिए तुम्हे अकाल मृत्यू से रक्षा की जरुरत है.
अकाल मृत्यू का नाम सुनकर दोनों डर गये ! उन्हें डरा हुआ देख कर घर के पुराने लोगों ने कहा अरे डरो मत! तुम्हारे नये घर में सब चीज़ का जुगाड़ है ! बस तुम्हे महाकाल की शरण में जाना पड़ेगा. ये सुनकर वो दोनों थोड़े बे-फ़िक्र हुए. और घर के पुराने लोगो के बताये रास्ते पर महाकाल की नगरी पहुच गये.
अकाल मृत्यू का नाम सुनकर दोनों डर गये ! उन्हें डरा हुआ देख कर घर के पुराने लोगों ने कहा अरे डरो मत! तुम्हारे नये घर में सब चीज़ का जुगाड़ है ! बस तुम्हे महाकाल की शरण में जाना पड़ेगा. ये सुनकर वो दोनों थोड़े बे-फ़िक्र हुए. और घर के पुराने लोगो के बताये रास्ते पर महाकाल की नगरी पहुच गये.
उनकी गाड़ी दोपहर में पहुची. घर के पुराने लोगो ने कहा कि कल सुबह ४ बजे नहा धोकर आना.
दोनों तडके 4 बजे नहा धोकर पहुच गये.
देखा तो हजारो लोग अकाल म्रत्यु से बचने कि जुगाड़ में लाइन में लगे हुए है.
अलग अलग 4-5 तरह कि लाइने थीं.
दोनों ने सोचा कम लम्बी लाइन में लग जाते हैं जल्दी निपट जाएँगे.
जेसे ही कम लम्बी लाइन में घुसे .. बाहर खड़ा हुआ दरबान बोला :
"ऐ! रसीद बताओ!"
"कैसी रसीद?"
"लाइन में लगने की. ये 5000 वाली लाइन है."
"लेकिन भैया हम तो नये हैं !"
"नये हो या पुराने जल्दी निपटना है तो 5000 तो लगेंगे ही."
"इतने तो है नही."
"तो अपनी औकात वाली लाइन में जाओ."
दोनों तडके 4 बजे नहा धोकर पहुच गये.
देखा तो हजारो लोग अकाल म्रत्यु से बचने कि जुगाड़ में लाइन में लगे हुए है.
अलग अलग 4-5 तरह कि लाइने थीं.
दोनों ने सोचा कम लम्बी लाइन में लग जाते हैं जल्दी निपट जाएँगे.
जेसे ही कम लम्बी लाइन में घुसे .. बाहर खड़ा हुआ दरबान बोला :
"ऐ! रसीद बताओ!"
"कैसी रसीद?"
"लाइन में लगने की. ये 5000 वाली लाइन है."
"लेकिन भैया हम तो नये हैं !"
"नये हो या पुराने जल्दी निपटना है तो 5000 तो लगेंगे ही."
"इतने तो है नही."
"तो अपनी औकात वाली लाइन में जाओ."
हर लाइन से धक्के खाते हुए अंत में दोनों फ़ोकट वाली लाइन में पहुचे. कुछ २-३ किमी लम्बी लाइन में सबसे पीछे खड़े होकर डर डर के अपने आगे खड़े पुराने आदमी से पूछा:
"भैया कितना टाइम लग जाएगा पूरा सब होने में?"
आदमी बोला : "पहली बार आये हो क्या?"
" हाँ भैया! हम नये हैं."
" अच्छा! अन्दर तो एक सेकंड का काम है बस अन्दर पहुचने में २-३ दिन लग जाएँगे."
"अरे? जल्दी नही हो सकता क्या?"
"जल्दी करना है तो पैसा फेंको और नहीं तो चुपचाप यहीं खड़े रहो ."
आदमी बोला : "पहली बार आये हो क्या?"
" हाँ भैया! हम नये हैं."
" अच्छा! अन्दर तो एक सेकंड का काम है बस अन्दर पहुचने में २-३ दिन लग जाएँगे."
"अरे? जल्दी नही हो सकता क्या?"
"जल्दी करना है तो पैसा फेंको और नहीं तो चुपचाप यहीं खड़े रहो ."
जैसे तैसे दोनों अपनी अकाल मृत्यू टलवा के वापस घर आये. फिर कुछ पुराने लोगों ने पूछा:
"क्यूँ भैया? हो गया सब काम अच्छे से ?"
"क्यूँ भैया? हो गया सब काम अच्छे से ?"
"हाँ भैया ! हो गया ! अब आगे क्या ?"
"आगे कुछ नही भैया! नये नये हो , तुम पर साड़े-साती कि दशा न आ जाए , इसलिए उपाय करवा लेना !!!"
!!! हरिओम !!!

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